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Monday, 23 March 2015

Sunday, 22 March 2015

Shri Ramacandra kripalu bhaju, mana, harana bhava bhaya darunam

श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम् 
नवकञ्ज लोचन कञ्ज मुखकर कञ्जपद कञ्जारुणम् 

कंदर्प अगणित अमित छबि नव नील नीरज सुन्दरम् 
पटपीत मानहुं तड़ित रुचि सुचि नौमि जनक सुतावरम् 

भजु दीन बन्धु दिनेश दानव दैत्यवंशनिकन्दनम् 
रघुनन्द आनंदकंद कोशल चन्द दशरथ नन्दनम् 

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदार अङ्ग विभूषणम् 
आजानुभुज सर चापधर सङ्ग्राम जित खरदूषणम् 

इति वदति तुलसीदास शङ्कर शेष मुनि मनरञ्जनम् 
मम हृदयकञ्ज निवास कुरु कामादिखलदलमञ्जनम् 

Monday, 20 May 2013

तेरा रामजी करेंगे बेडा पार

तेरा रामजी करेंगे बेडा पार
उदासी मन काहे को धरे
काहे को धरे रे, काहे को डरे
तेरा रामजी करेंगे बेडा पार

नैया तेरी राम हवारे
लहर लहर हरी आप संभारे
प्रभु आप ही उठावे तेरा भार
तेरा रामजी करेंगे बेडा पार
उदासी मन काहे को धरे
काहे को धरे रे, काहे को डरे

काबू में मंझधार उसीके
हाथों में पतवार उसीके
तेरी हार भी नहीं है तेरी हार
तेरा रामजी करेंगे बेडा पार
उदासी मन कहें को धरे
काहे को धरे रे, काहे को डरे

सहज किनारा मिल जायेगा
परम सहारा मिल जायेगा
डोरी सौंप के तो देख एक बार
तेरा रामजी करेंगे बेडा पार
उदासी मन कहें को धरे
काहे को धरे रे, काहे को डरे

तू निर्दोष तुझे क्या डर है
पग पग पर साथी इश्वर है
सच्ची भावना से करले पुकार
तेरा रामजी करेंगे बेडा पार
उदासी मन कहें को धरे
काहे को धरे रे, काहे को डरे
तेरा रामजी करेंगे बेडा पार
….

Tuesday, 2 April 2013

मंगल भवन अमंगल हारी

मंगल भवन अमंगल हारी
द्रबहु सुदसरथ अचर बिहारी
राम सिया राम सिया राम जय जय राम \- २

हो, होइहै वही जो राम रचि राखा
को करे तरफ़ बढ़ाए साखा

हो, धीरज धरम मित्र अरु नारी
आपद काल परखिये चारी

हो, जेहिके जेहि पर सत्य सनेहू
सो तेहि मिलय न कछु सन्देहू

हो, जाकी रही भावना जैसी
रघु मूरति देखी तिन तैसी

रघुकुल रीत सदा चली आई
प्राण जाए पर वचन न जाई
राम सिया राम सिया राम जय जय राम

हो, हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता
कहहि सुनहि बहुविधि सब संता
राम सिया राम सिया राम जय जय राम


Jai Balaji ji Maharaj 

Saturday, 2 March 2013

Jai Raghunandan jai siya ram


Jai Raghunandan jai siya ram, Hay dukh banjan tumhay pranam
Ghaat ghaat ko hay parmashwar prem tumhay dekh laatee
Nar naari kay prem kee jyoti jag may tumhee jalaatee
O naiya kay khay wan haaray japo mai tumhaaroo naam…

Tumko dyaa kay saagar prabhujee tum ko paalan haaray
Chaina tumhee kay paal hee daykhar manwa sanjh sakaaree
Jo bhi tumharay aas lagaayea banay usee kay kaam…

Wednesday, 6 February 2013

Payoji Mainay Ram Ratan dhan paayo

Payoji Mainay Ram Ratan dhan paayo
Vastu amolak deye mayray sad guru, Kripa karo apanayo…

Janam janam ke pujie paaee (2) Jagmay sabhi kowayoo
Karchi nahi koie chor na lutay (2) Din din barhat sawayoo

Sat ki naawa kaywatiya sat guru (2) Bhow sagar tar ayoo
Meera kay Prabhu ghirdhar nagar (2) Harash harash jash gayo

Friday, 4 January 2013

दाता एक राम ,भीखारी सारी दुनियाँ ....Daata ek Ram, Bhikhari saree duniya




दाता एक राम ,भीखारी सारी दुनियाँ |
राम इक देवता ,पुजारी सारी दुनियाँ  ||   दाता एक राम
द्वारे पे उसके जाके ,कोई भी पुकारता  |
परम कृपा से ,अपनी भव से उबारता |
ऐसे दीनानाथ पर, बलिहारी सारी दुनियाँ  ||  दाता एक राम
छोड के प्रपंच सारे, के ले विचार तू |
प्यारे प्रभू को अपने ,मन में निहार तू |
बिना हरी नाम के , दुःखयारी सारी दुनियाँ ||   दाता एक राम
नाम का प्रकाश, जब अंदर जगायेगा  |
प्यारे श्रीराम कातू दर्शन पायेगा  |
वही एक ज्योत हैं, अंधियारी सारी दुनियाँ   ||   दाता एक राम
दाता एक राम ,भीखारी सारी दुनियाँ  |
राम इक देवता ,पुजारी सारी दुनियाँ   ||

Tuesday, 1 January 2013

Daata ek Ram, Bhikhari saree duniya


Daata ek Ram, Bhikhari saree duniya
Rama ke devta, Pujari saree duniya…
Dware pe uske jakay, koyi bhi pukaar taa
Param kripa de apni, bhowse ubaar taa
Aise dinnanath ke (2) Balihari saree duniya …
Do dinke jiwan praani, karle bhi pyar tu
Pyar prabhu ko apni, munme nihaar tu
Bina hari naam ke (2) Dukhiyari saree duniya…
Naam ka prakash jab, andar jagayega
Pyare Shri Rama kaa tu, darshan payegaa
Jyoti se jiski hai (2) Unjeeyari saree duniya …

Sunday, 30 December 2012

Ram sumir ke reham kare na phir kaise


Ram sumir ke reham kare na phir kaise sukh payega
Krishna sumir ke karam kare na yunhi jag se jaayega
Oh bhagwaan ko bhajne wale kya bhagwaan ko jana hai
Paas pados dukhi deenon mein kya usko pehchana hai
Jab tak teri khudi na toote khuda nazar na aayega
Yeh sansaar hai karam ki kheti jo boye wohi paave
Prem pyar se seench le jeevan yeh awasar phir na aaye
Char dino ka jeevan hai yeh kab tak thokar khayega
Andar tere antaryami roz tujhko samjhata hai
Bhala bura kya karna tujhko rah tujhe dikhlata hai
Man ki kahi pe chalne wale phir phichhe pachhtayega
Sharan gaye bin jaap hai nishphal nishphal hai jeevan tera
Janam maran ki saadh na choote rahe dukhon se nit ghera
Paap gathariya bhari hogayi kab tak bojh uthayega

Saturday, 24 November 2012

हे राम, हे राम...…..hey ram, hey ram


हे राम, हे राम
जग में साचो तेरो नाम

तू ही माता, तू ही पिता है
तू ही तो है राधा का श्याम

तू अंतर्यामी सबका स्वामी
तेरे चरणों में चारो धाम

तू ही बिगडे तू ही संवारे
is जगा के सारे काम

तुही जग दाता विश्वविधादाता
तुही सुबह तू ही श्याम

जग में साजो तेरो नाम
हे राम, हे राम 

Friday, 23 November 2012

रघुपति राघव राजा राम..raghupati raghav raja ram


रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम
सीता राम सीता राम, भज प्यारे तू सीताराम

जय रघु नंदन जय सिया राम, जानकी वल्लभ सीता राम
रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम

भीर परी भक्तों ने  पुकारा,  आन हरो प्रभु कष्ट हमारा
तब दशरथ घर जन्मे राम पतित पावन सीता राम

बन में जाय ताड़का मारी, विश्वा मित्र की बिपदा हारी
सिया ब्याह घर आये राम, पतित पावन सीता राम

राज तिलक की भई तैयारी, कैकेयी ने कुछ और विचारी
वन में जाए लछमन राम, पतित पावन सीता राम

स्वर्ण हिरण बन मारीच आया, रावन कपटी की ये माया
सिया ले गया लंका धाम, पतित पावन सीता राम

बाली मार सुग्रीव जिताया, बजरंग बली सिया सुधि लाया
बानर  सेना  बढ़ी तमाम, पतित पावन सीता राम

रावन मार राम घर आये, घर घर बजे आनंद बधायी
धन्य अजुध्या पावन धाम, पतित पावन सीता राम

राम राज बैठे तिर्लोका, हरषे सभी मिटे    सब सोका
सिया राम सा सुन्दर नाम, पतित पावन सीता राम


रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम
सीता राम सीता राम भज प्यारे तू सीताराम

जय रघु नंदन जय सिया राम जानकी वल्लभ सीता राम
रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम

आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह्  मृगा काञ्चनं  
वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणं 
बाली निर्दलं समुद्र  तरणं लङ्कापुरी दाहनम्
पश्चद्रावनं कुम्भकर्णं हननं एतद्धि रामायणं  

सियावर रामचन्द्र की जय !!!